निर्माण और पर्यावरण अटूट रूप से जुड़े हुए हैं। निर्माण में भूमि, पानी और हरित आवरण जैसे कीमती प्राकृतिक संसाधनों की खपत होती है। इन संसाधनों का अत्यधिक उपयोग धीरे-धीरे पारिस्थितिक असंतुलन की ओर ले जा रहा है, जिसे ग्रीन कंस्ट्रक्शन की दिशा में कदम बढ़ाकर सुधारना आवश्यक है। ग्रीन कंस्ट्रक्शन क्या है? ग्रीन कंस्ट्रक्शन केवल भवन के स्पष्ट पहलुओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऐसा स्थान तैयार करता है जो निर्माण या नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान आराम, स्वास्थ्य और व्यापक पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखता है। ये पर्यावरणीय प्रभाव क्या हैं? निर्माण में होने वाले कचरे में अक्सर कंक्रीट, मेटल्स, कांच, प्लास्टिक, लकड़ी, ए़स्फ़ाल्ट, ईंटें और अन्य सामग्री शामिल होती हैं। इस कचरे को अक्सर लैंडफ़िल या इन्किनरेटर में नष्ट किया जाता है। यह न सिर्फ CO2 उत्सर्जन के ज़रिए जमीन और हवा को प्रदूषित करता है, बल्कि इस तरह के कचरे को हटाने के लिए ज़रूरी परिवहन का भी पर्यावरण पर बड़ा असर पड़ता है। ग्रीन कंस्ट्रक्शन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हम जो निर्माण करना चाहते हैं और हमारा पर्यावरण जो सहन कर सकता है, उसके बीच संतुलन बना रहे। क्योंकि अगले चार से पाँच वर्षों में निर्माण उद्योग 25 से 30 हज़ार करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है, इसलिए कार्बन उत्सर्जन को ग्रीन टेक्नोलॉजी के माध्यम से नियंत्रित करना अनिवार्य है। इस ग्रीन मूवमेंट का हिस्सा बनते हुए, MYK LATICRETE India ने पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी निभाने और इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट रेंज को न सिर्फ़ अपनाया है, बल्कि उसे सक्रिय रूप से बढ़ावा भी दिया है। ये प्रोडक्ट्स न सिर्फ़ पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों की बचत करते हैं (जो आमतौर पर सीमेंट आधारित संरचनाओं में क्योरिंग के लिए इस्तेमाल होता है), बल्कि इमारत में रहने या काम करने वाले लोगों के अच्छे स्वास्थ्य को भी सुनिश्चित करते हैं। निर्माण सामग्री के क्षेत्र में ग्रीन मूवमेंट की दिशा में MYK LATICRETE India का योगदान काफ़ी महत्वपूर्ण है।
निर्माण कचरा प्रबंधन
डिमोलिशन और साइट क्लीनिंग से निकलने वाले मलबे को लैंडफ़िल और इन्किनरेटर तक जाने से कम करने के उद्देश्य से, MYK LATICRETE की टाइल एडहेसिव रेंज फैक्ट्री-पैक्ड होती है और सीधे इस्तेमाल के लिए तैयार रहती है। इससे साइट पर सीमेंट और रेत जैसे ढीले मैटीरियल के बिखराव में काफ़ी कमी आती है और वह स्क्रैप भी नहीं बनता, जो आमतौर पर निर्माण कचरे में चला जाता है।
औद्योगिक उप-उत्पादों को मिलाना
यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि सीमेंट निर्माण से होने वाला कार्बन उत्सर्जन, ओज़ोन परत के क्षरण और उससे होने वाली ग्लोबल वार्मिंग के जरिए प्राकृतिक संतुलन को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। MYK LATICRETE इस उद्योग में सबसे पहले CO₂ उत्सर्जन के हानिकारक प्रभावों को समझने वालों में शामिल रहा है। इसी समझ के साथ, कंपनी ने टाइल एडहेसिव्स में सीमेंट की खपत कम करने की दिशा में नवाचार किया है—जहाँ बड़े पैमाने पर औद्योगिक उप-उत्पादों को मिलाया जाता है। ये वही सामग्री है जो अन्यथा ज़हरीले लैंडफ़िल और वायु प्रदूषण का कारण बन सकती थी।
क्षेत्रीय सामग्रियों का समर्थन
क्षेत्र के भीतर निकाली और बनाई जाने वाली निर्माण सामग्रियों की मांग बढ़ाने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलती है। साथ ही, लंबी दूरी के परिवहन की जरूरत कम होती है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव भी घटता है।
कम उत्सर्जक सामग्री
MYK LATICRETE के प्रोडक्ट्स इनडोर एयर में मौजूद बदबूदार, जलन पैदा करने वाले और आराम व सेहत के लिए हानिकारक तत्वों की मात्रा को कम करने में मदद करते हैं। इससे इंस्टॉलर्स और वहां रहने या काम करने वाले लोगों की सुविधा और भलाई बेहतर बनी रहती है। MYK LATICRETE के एडहेसिव्स, ग्राउट्स, वॉल पुट्टी, सीलर्स और वॉटरप्रूफिंग मेम्ब्रेन्स, जो बिल्डिंग के इंटीरियर में (यानी वेदरप्रूफिंग सिस्टम के अंदर और साइट पर लगाए गए) उपयोग किए जाते हैं, वे रेफरेंस स्टैंडर्ड की सभी आवश्यकताओं का पालन करते हैं। फैक्ट्री-पैक्ड टाइल एडहेसिव्स, ग्राउट्स और स्क्रीड्स के उपयोग से साइट पर रेत और सीमेंट की मिक्सिंग के दौरान होने वाली धूल काफी हद तक कम या पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके अलावा, MYK LATICRETE India आर्किटेक्ट्स और डिज़ाइनर्स को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग दे सकता है, जिससे प्रोजेक्ट सर्टिफिकेशन के लिए संभावित LEED Credits हासिल करने में मदद मिलती है। इन क्रेडिट्स का डॉक्यूमेंटेशन करने की प्रक्रिया के लिए MYK LATICRETE India के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता या इंजीनियर द्वारा प्रमाणित टेक्निकल डेटा आवश्यक होता है।
MYK LATICRETE भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल का सदस्य है